ट्रम्प ने ट्वीट किया कि जनता इस चुनावी धांधली को स्वीकार नहीं करेगी, उन्होंने लिखा कि अगले हफ़्ते नतीजे सामने आएंगे और हम जीतेंगे।
मंगलवार को वाइट हाउस के संबंधित विभाग ने वित्तीय वर्ष 2021-2022 के बजट की तैयारी शुरू कर दी है। वाशिंग्टन पोस्ट ने रिपोर्ट दी कि ट्रम्प के इस निर्देश से फ़ेडरल संस्थाओं के अधिकारी नाराज़ हो गए हैं क्योंकि वह अगले वित्तीय वर्ष के बजट के लिए निर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडन के आदेश की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
बजट का प्रस्ताव आम तौर पर निवर्तमान राष्ट्रपति के वाइट हाउस छोड़ देने लगभग दो सप्ताह बाद फ़रवरी में जारी किया जाता है।
दूसरी ओर निर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडन ने मंगलवार को कहा कि उनकी टीम सत्ता अपने हाथ में लेने की प्रक्रिया पूरी करने में व्यस्त है। बाइडन ने कहा कि ट्राज़ेशन आफ़ पावर की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है ट्रम्प के चुनावी नतीजे को स्वीकार न करने से इसमें कोई फ़र्क नहीं पड़ेगा।
बाइडन कम से कम छह देशों के राष्ट्राध्यक्षों से बात कर चुके हैं और नैटो के दायरे में सहयोग बढ़ाने और कोरोना वायरस की रोकथाम जैसे मुद्दों पर विस्तार से बातचीत हुई है। बाइडन ने फ़्रांसीसी राष्ट्रपति मैक्रां से बात की और आपसी सहयोग बढ़ाने पर ज़ोर दिया।
इस बीच अमरीका के विदेश मंत्री माइक पोम्पेयो ने कहा कि उन्हें पूरा विश्वास है कि डोनल्ड ट्रम्प का दूसरा शासनकाल शुरू होने जा रहा है क्योंकि जब सारे क़ानूनी वोटों की गिनती हो जाएगी तो ट्रम्प ही विजयी होंगे और सत्ता हस्तांतरण ट्रम्प से ख़ुद ट्रम्प को ही होगा और वह दूसरा टर्म संभालेंगे।

सीएनएन का कहना है कि पोम्पेयो का यह बयान सुनकर विदेश मंत्रालय के अधिकारी हतप्रभ रह गए हैं और अमरीकी कूटनयिकों को अब तक चुनाव के नतीजों पर क्या स्टैंड लेना है इस बारे में कोई निर्देश नहीं दिए गए हैं।
पोम्पेयो के बयान पर डेमोक्रेट सेनेटर बाब मैनेन्डेज़ ने कहा कि यह ख़तरनाक बयान है किसी भी अधिकारी के लिए उचित नहीं कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया का मज़ाक़ उड़ाए।
इस बीच अमरीकी मीडिया रिपोर्टों में बताया गया है कि मंगलवार की रात डेमोक्रेटिक पार्टी ने प्रतिनिधि सभा पर अपनी पकड़ मज़बूत कर ली है क्योंकि उन्हें 435 में से कम से कम 218 सीटें हासिल हो चुकी हैं। मगर सेनेट में रिपब्लिकन पार्टी की स्थिति मज़बूत हो गई है। पार्टी को 100 सीटों के सदन में अब तक 49 सीटें मिल चुकी हैं जबकि डेमोक्रेटिक पार्टी के पास सेनेट की 48 सीटें हैं। तीन सीटों का फ़ैसला होना अभी बाक़ी है। एक सीट अलास्का की है जिसके रिपब्लिकन पार्टी की झोली में जाने की संभावना है। दो सीटें जार्जिया की हैं जिनको हासिल करने के लिए डेमोक्रेटिक पार्टी ने पूरी ताक़त लगा दी है। अगर यह दोनों सीटें डेमोक्रेटिक पार्टी जीत लेती है तो सेनेट में किसी भी पार्टी के पास बहुमत नहीं रहेगा। लेकिन उप राष्ट्रपति कमला हैरिस को संविधान के अनुसार सदन की अध्यक्षता मिलेगी और वह जिस सत्र में भी चाहेंगी वोटिंग में भी हिस्सा ले सकेंगी।